जोगिरा सररर ... (होलीका गीतहरु अक्षरमा)

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जोगिरा सररर ... (होलीका गीतहरु अक्षरमा)

बिहीबार ०७, चैत २०७५

सर रर रर रर रर रर
कहिँ पर धिरे धिरे धिरे धिरे
सर रर सट्की, नाचे पतर्की
पैसा लुटे मोट्की देखैन लागे छोट्की
सर रर।
सर रर रर रर रर रर।।
सर रर रर रर रर रर
कोन तालमे ढोलक बाजे कोन ताल मजिरा
कोन तालमे ढोलक बाजे कोन ताल मजिरा
कोन तालमे राधा नाचे कोन ताल जोगीरा?
जोगीरा सर रर रर रर रर।।
एक तालमे ढोलक बाजे दुई ताल मजिरा
एक तालमे ढोलक बाजे दुई ताल मजिरा
छम छमा छम राधा नाचे चाईर ताल जोगीरा
जोगीरा सर रर रर रर रर।।
सर रर रर रर रर रर
कहिँ पर धिरे धिरे धिरे धिरे
कहिँ तर धिरे धिरे
हुका बोले गुरगुर चिलमके मजा ले
छौरी करे चम चम पकैर्के चुमा ले
जोगीरा सर रर रर रर रर।।

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आर्जवर्त में चार ठो खंभा, चारो को घुन खाय
साहेब बैठि अदानी के घर घंटा रहे बजाय
कि खूंटा यहीं गड़ेगा…
जोगीरा सा रा रा रा
अमरीकी आका के आगे, पोंछिया रहे डोलाय
मुदित मीडिया ओबामा संग, फोटो पे बलखाय
कि खूंटा यहीं गड़ेगा…
जोगीरा सा रा रा
कैसे उपजे दूध चिरौंजी, कहवां से सिल-बट्टा
कौन लंठ है पीसनवारा, रंग करे सब खट्टा
कि खूंटा यहीं गड़ेगा…
जोगीरा सा रा रा रा
मेहनत उपजे दूध-चिरौंजी, खनन मिले सिल-बट्टा
फेंकुआ साहेब पीसनवारा, रंग करे सब खट्टा
कि खूंटा यहीं गड़ेगा…
जोगीरा सा रा रा रा
केकरे आगे साहेब लोटें देखते कटे उदासी ।
साहेब के साहेब के साहेब कौन देस के बासी
कि खूंटा यहीं गड़ेगा…
जोगीरा सा रा रा रा
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अनिल के आगे साहेब लोटें देखते कटे उदासी ।
साहेब के साहेब के साहेब अमरीका के वासी
कि खूंटा यहीं गड़ेगा…
जोगीरा सा रा रा रा
साधू साध्वी कुंठा बूकें जोगी हौ दंगाई ।
केकरे घर में जग्ग होत है केकर चाम चोराई
कि खूंटा यहीं गड़ेगा… जोगीरा सा रा रा रा
साधू साध्वी कुंठा बूकें जोगी हौ दंगाई
अंबानी घर जग्ग होत है हमरा चाम चोराई ॥
कि खूंटा यहीं गड़ेगा…
जोगीरा सा रा रा रा
केकरे खपड़ा मोथा जामे केकरे जमे मकोय
दूध दही सूसू घी टट्टी के खाये सुख होय
रसीले पंचगव्य की जय,
बुद्धि के विंध्याचल की जय, 
जोगीरा सा रा रा रा …
रामदेव के मोथा जामे, साध्वी घरे मकोय
दूध दही सूसू घी टट्टी संघिन के सुख होय
रसीले पंचगव्य की जय,
बुद्धि के विंध्याचल की जय, 
जोगीरा सा रा रा रा …
आसमान में बांस खोंस दें खोंस जनेऊ कान
फेसबुक पर पिंगल झारें बड़े बड़े बिदवान
कि खूंटा यहीं गड़ेगा …
जोगीरा सा रा रा रा
भोरे बिहाने कुत्ता बोले, सांझा बोले कागा
फेसबुकी सब कथरी सीवें बिन सुई बिन धागा
कि खूंटा यहीं गड़ेगा …
जोगीरा सा रा रा रा
मैं मैं मैं मैं मेरा मुझको मुझसा मेरी मेरा
मद में मातल ई दंगाई जड़ में माठा घोरा
कि खूंटा यहीं गड़ेगा …
जोगीरा सा रा रा रा
बजट बकैती ठेलूँ मैं तुम कान पकड़ कर उठ बैठो 
पीठ तुम्हारी सदा सोहागिन डंटा मेरे बाप का
कि खूंटा यहीं गड़ेगा … 
जोगीरा सा रा रा रा

देस नदी में जनता मछरी कार्पोरेट मछेरे सब 
गलफर चीर के जो घुस जावे कंटा मेरे बाप का 
कि खूंटा यहीं गड़ेगा … 
जोगीरा सा रा रा रा

चकवढ़ खावो हवा पियो तुम हम बिकास ठेलवाते हैं
गोंहू–चावल, मैदा मिसिरी भंटा मेरे बाप का
कि खूंटा यहीं गड़ेगा … 
जोगीरा सा रा रा रा
जै बिकास के ललका चाउर जै बतरा का पतरा
तर्क-बुद्धि पे खेत-खान पे अर्धपैंट का खतरा
कि खूंटा यहीं गड़ेगा …
जोगीरा सा रा रा रा
बानर बाहर बानर भीतर बनरन के सरकार
लिहो लिहो होली के नारा चोइंटा देई झार 
कि खूंटा यहीं गड़ेगा …
जोगीरा सा रा रा रा

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होरी खेले रघुवीरा अवधमे, होरी खेले रघुविरा
    किनकर हाथ कनक पिचकारी, किनकर हाथ अविरा
    होरी खेले रघुविरा, अवधमे होरी खेले रघुविरा

    एक दिश खेले कुमर कन्हैया, एक दिश खेले होरी हो
    एक दिश खेले मोहन मुरारी, दोसर दिश राधा प्यारी हो

शिव मण्ठ पर फहराबए लाल धुजा 
शिब मण्ठ पर 

जगदम्बा जी खेलत फाग जोगिनी संग लियो 

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सर रर सरकी नाचे पतकी पैसा लिय मोटकी

बैगन बारी करैला तोड गेलए लटकी बैगन बाडी
पैरमे गडि गेलै कुशम केर रे काँट
असगर कोना जायब, नैहर दुर रे बलमुवा
अहि प्रकारक होरी गीतसभ देहमे जोश भरवाक काज करैत अछि । जाहिमे जोगिडाके त अपने बिशेषता अछि । जेनाः

कोन ताल पर ढोलक बाजे कोन ताल मजिरा
आब जोडी हो कथिए केर टुटल ए छौडा हरबहना,कथिए करे टुटल कमार
कथिए केर टुटल ए छौडी रे पतरकी, कथिए केर टुटल लोहार
किन्हका पोखरीयामे ए झिलमिल पनियाँ, किनका पोखरीयामे श्यामार 
किनका पोखरीयामे चेल्हवा मछरीया कौन पापी फेकए महजाल